कुसुम
कुसुम
नाम कुसुम, सौंदर्य कुसुम
दिल भी कुसुम है मेरा
कुसुम बन कुसुमित करूं जीवन
यही ध्येय है मेरा
जूही की तरह खिलती, बेला की तरह महकती रही
पलाश की तरह ऊंचाई पर पहुंची
गुलाब की तरह कांटो में रही
हर सुख दुख सहे
सूरजमुखी की तरह हर परिस्थिति को
देखा परखा
तभी जीवन की राह में बिछ पाई हूँ।
