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Madhu Gupta "अपराजिता"

Inspirational

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Madhu Gupta "अपराजिता"

Inspirational

माँ

माँ

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ममता की मूरत है मैया मेरी 

सबसे खूबसूरत है दुनिया मेरी 

धरती है कभी तो कभी आसमां है मेरी

बनाती है पूर्ण जीवन को वो ही मेरी


ममता की मूरत है मैया मेरी 

सबसे खूबसूरत है दुनिया मेरी 


उदासी में है तकिया और चादर मेरी 

खुशियों में बन जाती है सहेली प्यारी मेरी 

नजदीक अब नहीं रहती है वो मेरी 

पर बहती है धड़कन में हर पल सदा बन मेरी 


 ममता की मूरत है मैया मेरी 

सबसे खूबसूरत है दुनिया मेरी


पल-पल की खबर वह रखती है मेरी

लग ना जाए मुझे कांटा डरती है बड़ी

सुबह से शाम तक वो फिक्र रखती है मेरी

बहाने से दस दफा फोन करती है घड़ी-घड़ी


ममता की मूरत है मैया मेरी 

सबसे खूबसूरत है दुनिया मेरी


चेहरे की रंगत से पहचान लेती है पीड़ा मेरी 

लाख करो जतन फिर भी ना हार मानती कभी

हर एक समस्या की बूटी उसके पास है पड़ी

अंधेरों में भी वो दीपक सी जलती हैं खड़ी है


ममता की मूरत है मैया मेरी 

सबसे खूबसूरत है दुनिया मेरी।



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