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Hardik Mahajan Hardik

Romance

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Hardik Mahajan Hardik

Romance

माँ

माँ

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"माँ" अनंत असीम स्नेह सी

खुशियों की चाबी मेरी प्यारी माँ....

ममता की मूरत

करुणामयी स्वर्ग की सीढ़ी माँ

हृदय का दर्पण,

पुष्प सुंगधित घर का आंगन माँ


चंचल सी सुंदर कोमल सी मधुर

खुशियों की गुल्लक माँ

निर्मल, निर्मम, मधुर, 

प्रेम का दर्पण माँ

आशाओं को लेकर उम्मीद

जगाती माँ

सुंदर, सुशील, दया,


करुणा का अर्पण माँ 

प्रेम का ढाई अक्षर माँ

सुंदर,स्वर्णिम, सूरज की किरणों के जैसे

उगता हुआ सूरज माँ

हृदय की गहराई माँ

ढलता सूरज शाम को फिर

निकलें चांद सितारे उन


चांद सितारों में एक सितारा मेरे घर का

आंगन खुशियों का खजाना माँ

अनंत, अपार, असीम,

स्नेह ममता की मूरत, घर की सूरत,

खुशियों को मेरे उजागर करती मेरी प्यारी माँ


क्या लिखूं.? क्या कहूं.?

शब्द कम मेरे एहसासों से मेरी भावना माँ 

मेरा आकार, मेरा चांद,

मेरा सितारा, मेरा हृदय का दर्पण,

मेरा हृदय का अर्पण मेरी माँ !


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