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Shyam Kunvar Bharti

Tragedy

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Shyam Kunvar Bharti

Tragedy

माँ तू कहा है

माँ तू कहा है

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खाकर तेरे हाथो की सुखी रोटी

माँ बहुत स्वाद मैंने है पाया

पीकर घड़े का सौंधा ठंडा पानी

सूखे गले की प्यास है बुझाया।


गद्देदार बिछौनों नींद कहा आती

माँ तेरी गोद चैन से है सोया

मायाबी दुनिया छल कपट है बहुत

तेरे निर्मल प्यार ,सारा जहां सुख है पाया।


बिना मतलब प्यार कोई करता नहीं

तेरी ममता की छांव मै सुध बुध है खोया

मेरे आँसुओं की परवाह तेरी आह बताती है

माँ तू तब रोई है मैं जब भी है रोया।

तू नहीं मेरे पास कुछ भी नहीं है

तुझे खोकर जाना क्या खोया क्या पाया

खाकर ठोकर तेरी याद बहुत आती है

पाया वही जो बीज मैंने है बोया।


मैं आज भी छोटा बच्चा हूँ माँ

बेटा बनने की चाहत बड़ा हो ना पाया

तेरी कमी मुझे तन्हाइयों ने घेरा है

मिला नहीं वर्षो तेरे आँचल का है साया।


माँ तू कहा है तेरी गोद बुलाती है

तेरी याद ने मुझको बहुत है रुलाया।


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