माँ तुझसे ही अस्तित्व मेरा
माँ तुझसे ही अस्तित्व मेरा
तेरी याद मेरे दिल में हर पल हर घड़ी बसी है माँ,
तुझसे ही तो यह जिंदगी अपनी मैंने पाई है माँ,
कदम -कदम पर जीवन में तेरे ही दिए संस्कार,
मेरे ज़िन्दगी की राहों को आसान बनाती है माँ,
तेरे नेह भरे कर का स्पर्श आज भी मुझे याद है,
तू ही रहे हर जन्म में मेरी माँ खुदा से फरियाद है,
कितना सुखद एहसास तेरे हाथों का पहला कोर,
मृदुल तेरी ममता माँ जैसे होती है सुहानी सी भोर,
तेरी उंगली पकड़ कर मैं यूं बेफिक्री से चलती थी,
डर जाती तो तेरा अंचल पकड़कर छुप जाती थी,
चलते -चलते चुभ जाता अगर कोई कांटा पांव में,
हर दर्द भूल जाती थी माँ तेरी ममता की छांव में,
जीवन की धूप में तेरी ही ममता की वो शीतलता,
हर तकलीफ़ की तपन से आज भी है मुझे बचाता,
मेरी दुख- दर्द देख तू आज भी तड़प जाती है माँ,
रूह की गहराइयों से बंधा हमारा यह रिश्ता है माँ,
ममत्व का एहसास पाया तुझसे मैं तो तेरी परछाई,
मेरे जीवन की पहली शिक्षा भी मैंने तुझसे ही पाई,
तेरा ममता से भरा हुआ हृदय तो मेरी पाठशाला है,
जीवन की प्यास में दरिया है तू अंधेरे में उजाला है,
ज़िम्मेदारियों से जब कभी मन मेरा घबराता है माँ,
तेरी उन मीठी यादों से बल मुझको मिलता है माँ,
दूर रहती है पर मेरे दिल में तेरी मूरत बसती है माँ,
जन्नत मिल जाती मुझे जब भी तू मुस्कुराती है माँ,
जीवन की समस्याओं से तू योद्धा बन लड़ जाती है,
अद्भुत शक्ति है तुझमें कैसे सब कुछ सह जाती है,
निस्वार्थ, निश्चल तेरा समर्पण, प्यार और बलिदान,
तुझसे ही अस्तित्व मेरा तुझसे जहां में मेरी पहचान,
तकलीफ़ तुझे जब होती है दर्द मुझे भी होता है माँ,
दौड़कर बस तेरे पास आ जाने का मन करता है माँ,
तू स्वस्थ और रहे सलामत रहे इसी में मेरी खुशी है,
तेरी वजह से हूँ मैं तेरे बिना मेरी ये दुनिया अधूरी है।
