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Nandini Upadhyay

Inspirational

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Nandini Upadhyay

Inspirational

माँ तो माँ होती है ,

माँ तो माँ होती है ,

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माँ तो माँ होती है ,शब्द में क्या कहूँ उनको

देव मूरत है वो सबकी , नमन करती हूं मैं उनको 


जीवन दिया माँ ने तुमको , ना कभी तुम भूल पाओगे ,

कर्ज उसका कभी तुम ये नही उतार पाओगे

तुम क्या जान पाओगें माँ के त्याग की ये बातें,

रातों को जागने के उसने गिनीज रिकॉर्ड बना डाले .....


भूखे पेट तुम्हे वो कभी सोने नही देती

तुम्हे जो है पसंद अब वो हमेशा वही बनाती है ।

उसकी थकान के बारे में नही तुम जान पाओगे

तुम्हारे लिये ही तो उसने ,छत्तीसों पकवान बना डाले....


लाल की आंखों के आँसू , नही वो देख पाती है ,

उसकी जिद के आगे वो हमेशा झुक जाती है ।

तुम क्या जान पाओगे दिल की है अमीर कितनी

तुम्हारी मुस्कान के खातिर अपना सर्वस्व लुटा डाला ...


माँ है प्यार की मूरत , दया ममता की है सूरत ,

समर्पण की है वो सरिता ,करुणा का है सागर 

तुम क्या जान पाओगे माँ की त्याग महिमा,

बचपन की खातिर,उसने अपने सपने जला डाले।....



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