STORYMIRROR

Shalini Dikshit

Inspirational

3  

Shalini Dikshit

Inspirational

माँ की शॉल

माँ की शॉल

1 min
279

यह शॉल

तुमको उढ़ाई गई थी

रिटायरमेंट के दिन

सम्मानित करने के लिए।


आज के दिन वही शॉल

मैं ओढ़ लेती हूँ

फिर खुद को

सम्मानित महसूस करती हूँ।


तुम्हारा ही अंश हूँ मैं 'माँ'

यह सोच कर,

तुम्हारी खुशबू,

खुद में और इस शॉल में महसूस करती हूँ।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational