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Archana Saxena

Inspirational


5.0  

Archana Saxena

Inspirational


संकट टल जायेगा

संकट टल जायेगा

1 min 394 1 min 394

माना घोर तिमिर है राही

राह भी तो आसान नहीं है

हाथ को हाथ सुझाई ना दे

मंजिल का भी ज्ञान नहीं है


फिर भी मत रुक जाना राही

तेरा काम है चलते जाना

कुछ ही कदम बस और बढ़ा ले

निश्चित है फिर मंजिल पाना


रात अमावस की है काली

चाँद ना जाने कहाँ सो रहा

तारे तक न दिखाई देते

अँधियारा ये बड़ा घनेरा


हर एक रात के बाद सवेरा

अपनी भी सुबह आएगी

अंबर पर फिर सूर्य उगेगा

और धरा फिर मुस्काएगी


जिस संकट में आज घिरे हैं

वह जल्दी ही टल जायेगा

दुखों का बादल अब जो उड़ेगा

फिर न कभी वापस आएगा


प्रकृति को मत छेड़ ओ वंदे

तुझसे बस इतना कहना है

तुझको वह कितना कुछ देती

तुझे भी वापस कुछ देना है


पर तू तो बस छीनता जाता

उसका कहर भी फिर है बरसता

कुछ लोगों की करनी को फिर

ये सारा जग कितना भुगतता।


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