STORYMIRROR

सोनी गुप्ता

Inspirational

4  

सोनी गुप्ता

Inspirational

माँ खिलता फूल

माँ खिलता फूल

1 min
421

माँ वो खिलता हुआ फूल है 

जो मुस्कराहट बांटती रहती है

रहकर स्वयं तकलीफ में भी 

सबको सहारा देती रहती है 

माँ वो खिलता हुआ फूल है 

जो मुस्कराहट बांटती रहती हैII 


कभी आँचल में छिपाती 

गलती होने पर गुस्सा करती 

तो कभी प्यार से समझाती है  

मैं रोता तो चुप मुझे कराती है 

माँ वो खिलता हुआ फूल है 

जो मुस्कराहट बांटती रहती हैII 


माँ की ममता का छाया अनमोल है 

चरणों में जन्नत इसका ना मोल है 

कितनी भी हो परेशानियाँ जीवन में 

कभी भी उफ्फ न वो करती है 

माँ वो खिलता हुआ फूल है 

जो मुस्कराहट बांटती रहती हैII 


प्यार भरपूर खुशियों से झोली भरती है 

गिरने पर संभालती चलना हमें सिखाती है 

नींद न आने पर लोरी गाकर सुलाती है

हमारे हर मर्ज की दवा वो होती है 

माँ वो खिलता हुआ फूल है 

जो मुस्कराहट बांटती रहती हैII 

 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational