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Prof (Dr) Ramen Goswami

Romance

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Prof (Dr) Ramen Goswami

Romance

माँ के बिना जीवन व्यर्थ है

माँ के बिना जीवन व्यर्थ है

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मुझे हज़ार सितारे नहीं चाहिए, मुझे एक चाँद चाहिए।

मुझे हजार फूल नहीं चाहिए, मुझे एक गुलाब चाहिए।

मुझे हजारों लोग नहीं चाहिए, मुझे एक चाहिए।

इस जन्म में तुम ही मुझे मिले। 


रंगीन ख्वाब हो तुम, कलाकार की रंगीन तस्वीर,

मेरी चाँदनी हो तुम ,सुबह का सूरज,

मेरी नदी में तुम मेरे एक कबीले हो,

तुम मेरे प्रेम का फूल हो।


दिन-ब-दिन आता है,

समय के प्रवाह में बहता हुआ,

कोई रोता है, कोई हंसता है, 

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

मैं उदास हूँ , सुनने वाला कोई नहीं,

मैं आसमान, दर्द मेरा बादल 

चांदनी मेरा जुनून, बारिश मेरे आँसू 

सूरज मेरी मुस्कान , क्या समझेंगे आप?

मैं आपसे कितना प्रेम करता हूँ?


भीगे पांव आगे आते हैं , 

मानो आसमान में पानी छिड़का हो।

जब आप मुस्कुराते हैं, लगता है  

स्वप्न के आकाश में पक्षी अपने पंख फैलाते हैं।



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