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अनामिका वैश्य आईना Anamika Vaish Aina

Abstract

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अनामिका वैश्य आईना Anamika Vaish Aina

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लॉकडाउन के अनुभव

लॉकडाउन के अनुभव

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लॉकडाउन लगभग हर एक व्यक्ति के लिए एक विशेष और अद्भुत अनुभव रहा है। कोई लॉकडाउन के इस दौर में बहुत परेशान रहा तो किसी को अपनी व्यस्तताओं के कारण जो परिवार को वक़्त नहीं दे पा रहे थे.. उन्हें साथ रहने का उन्हें वक़्त देने का उत्तम अवसर मिला।

ख़ैर नारी शक्ति तो अक्सर घर मे ही क़ैद रहती है लेकिन पुरुषों के लिए लॉकडाउन बहुत ही मुश्किलों से भरा हुआ रहा.. क्योंकि परिवार के साथ रहने की आदत नहीं रहीं उनकी... स्त्रियों को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा.. परिवार की फरमाइशें पूरी करते करते बहुत थकान झेलनी पडी साथ ही बच्चों के लड़ाई झगड़े भी सहने पड़े..उस पर पति की भी हसरतें कम न थी... लॉकडाउन में लोगों को आर्थिक तंगी और शारीरिक कष्ट बहुत झेलना पड़ा। उच्च वर्ग ने जहां लॉकडाउन का पूरा मजा उठाया वहीं मध्यम और निम्न वर्ग को लाखों परेशानियों का सामना करना पड़ा। भोजन-दवाई आदि की अव्यवस्था से लेकर पुलिस की मार तक से गुजरना पड़ा। घर में पड़े-पड़े मानसिक तनाव ने भी दिमाग में घर बना लिया और डिप्रेशन, अशांति, असुविधा आदि और दूसरी तरफ कोविड-19 का खौफ, सबने मिलके मानसिक स्थिति कष्टमय कर दिया..



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