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Shishpal Chiniya

Abstract Fantasy

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Shishpal Chiniya

Abstract Fantasy

लम्हे

लम्हे

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गुजरती हवाओं का दौर है, गुजरने दो।

कहीं रोकने के चक्कर में हम गुजर गये।

तो वक्त की मार बहुत तेज पड़ती हैं।


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