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Supriya Devkar

Inspirational Thriller

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Supriya Devkar

Inspirational Thriller

लक्ष्य

लक्ष्य

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लक्ष्य को करो निश्चित अपने

वरना तुम पछताओगे

स्वयं को ढाल दो ढांचे मे

तभी परिपूर्ण बन जाओगे


जिंदगी का यही है सबक

प्रयास करो तब तक 

जिसने माना नहीं

 उसने जाना नहीं


रास्ता खुद ही चुने ऐसा

सफलता को छू ले जैसा

नियम बना ले खुद को कठोर 

पकड़ में आयेगा लक्ष्य का छोर


उम्मीद कभी ना छोड़ देना

प्रयास हमेशा करते जाना

आसमान को छुकर सबको 

खुशियों का जाम पिलाना



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