लिखूंगी ना अब से
लिखूंगी ना अब से
तुझे देखे बिन ना मुझे चैन आता है
हर चेहरे में तेरा ही अक्स दिखता है
मेरा दिल हर वक्त तुझे याद करता है
कब तक रहोगे नाराज मुझसे तुम यार
मान जाओ ना अब तो तुम मेरी जान
जानते हो तुम मुझे मैं हूँ थोड़ी सी नादान
करती हूं मैं सारे पागलों वाले काम
तुम्हें पसंद है ना मेरा लिखना सबसे
जो चाहते हो तुम लिखवाना मुझसे
लिखूंगी ना मैं मेरी जान बस तेरे ही लिए अब से...

