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Sachin Kapoor

Abstract

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Sachin Kapoor

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लौट आना

लौट आना

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सुनो

ये महज शब्द नहीं

जज़्बात हैं मेरे

छोड़ रहा हूँ यहाँ

इस आस में कि

एक दिन जरूर पहुंचेंगे तुम तक

लौट आना उस दिन 

बिना कुछ सोचे

ये जान लेना 

कोई इंतजार कर रहा है तुम्हारा



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