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Kawaljeet GILL

Abstract Classics Inspirational

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Kawaljeet GILL

Abstract Classics Inspirational

क्या अब कभी नही मिलोगे

क्या अब कभी नही मिलोगे

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हम और तुम कभी नही मिलेंगें ऐसा जमाना कहता है,

जब भी हम तुमसे पूछ्ते है क्या अब हम कभी नही मिलेंगे,

तो तेरा दिल ये जवाब देता है ऐसा हो ही नही सकता,

सारी दुनिया से दूर हो सकता हूँ मैं पर तुमसे जुदा नही हो सकता,


हम तुम कभी ना मिले ये तुमने सोचा भी कैसे,

ये सवाल तुम्हारे दिल मे आया भी कैसे,

जिस्म से जान कैसे जुदा हो सकती है,

मेरी जान हो तुम मेरे नस नस मे बसती हो,


हाँ तुम्हे सताने के लिए दिलग्गी कर लेते है तुमसे,

तुमको सताना तुमसे लड़ना थोड़ा अच्छा लगता है,

तुमसे जुदा होकर एक पल जीना नही मंजूर,

हर पल तुम्हारे साथ साथ हूँ साया हूँ मै,


फिर ना करना कभी दिल जलाने की बात,

मेरी हमसफ़र मेरी हमराज़ हर पल है रहना साथ हमको,

जीवन की राहो पर तेरे बिना कुछ नही मैं,

हर पल हर घड़ी साथ निभाऊँगा मैं।


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