STORYMIRROR

अमित प्रेमशंकर

Romance

2  

अमित प्रेमशंकर

Romance

कवनो गलती न बडूवे हमार गोरि

कवनो गलती न बडूवे हमार गोरि

1 min
188

कवनो गलती न बडूवे हमार गोरिया


तोहे निरखे ई अंखियां हमार गोरिया

कवनो गलती न बडूवे हमार गोरिया।


तोहरे खुशबू बदन के, पवन में समाईल

सांस बन गईलू दिल के हमार गोरिया।


तोहे चाही ला मनवा हमार गोरिया

जब से देखली बा भईले बीमार गोरिया।


तोहरे रूपवे बा अईसन तो हम का करी

कवनो गलती न बडुवे हमार गोरिया।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance