STORYMIRROR

वैष्णव चेतन "चिंगारी"

Tragedy

4  

वैष्णव चेतन "चिंगारी"

Tragedy

✍️मतदान ( 2 )✍🏻

✍️मतदान ( 2 )✍🏻

1 min
211

तुम्हारा किया मतदान, 

उसको बना देगा राजनेता,

और....., 

बैठा देगा उसे राजसिंहासन पर,

वो करने लगेगा तुम पर शासन,

मिल जाएगी 

उसको गाड़ी "लाल-बत्ती" वाली,

फिर चलाएगा वो अपना भाई-भतीजावाद,

फिर खुल जाएंगे 

अपनो के लिए रास्ते सुनहरी मंज़िलो के,

"टेंडर" सारे अपनो के खुलेंगें, 

आलाधिकारियों पर वो धौंस जमाएंगे,

मतदाता को दिखाएंगे वो ठेंगा, 

लूट-लूट कर देश को वो कर देंगे "खोखला",

भरते रहेंगें वो अपनी तिजोरियां, बस......,

यही सिलसिला चलता रहेगा पूरे पांच साल,

बदले में मतदाता को क्या मिला.......?

बस चंद रुपये और एक बोतल शराब ,

बोतल शराब का नशा उतर जाएगा 

मतदाता के मतदान के बाद,

और 

रुपये खत्तम हो जाएंगे उसके चकने में,

मतदाता रहेगा वहीं का वहीं,

बना नेता उसकी तो 

सात पीढ़ियां तो पार उतर जाएंगी,

इसलिए 

अपने "मत" की किम्मत समझो फिर करो तुम " मतदान",

ना बिको तुम ना ही करो "मतदान" का दुरुपयोग,

सोच-समझ कर करो अपने "मत" का सदुपयोग !!    


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy