डाॅ सरला सिंह "स्निग्धा"
Inspirational
सपना था करना जिसे, आज हुआ साकार।
राह नहीं आसान था, किया उसे भी पार।
किया उसे भी पार, जीत गिर गिर कर पाया।
सारे कंटक बीन, नवल पथ देख बनाया।
कहती सरला आज, बना यह चन्दा अपना।
मेहनत की दिन-रात, हुआ पूरा तब सपना।।
बेटी
योग दिवस
कुछ दोहे आध्य...
कुण्डलिया
कु्ण्डलिया
आशा
बारिश की आस
रंग
3 कुण्डलियां
राम
ऐ देश तुम पर मेरा दिल दीवाना हो गया, तुम्हारे शीश पर हिमालय, चरण पखारता सागर है। ऐ देश तुम पर मेरा दिल दीवाना हो गया, तुम्हारे शीश पर हिमालय, चरण पखारता सागर...
कल यहाँ वहाँ बंटे कंबल रजाई, दोई चार कंबल सौ फोटो खिंचाई.. कल यहाँ वहाँ बंटे कंबल रजाई, दोई चार कंबल सौ फोटो खिंचाई..
सर्दी के इस खूबसूरत मौन में, सौंदर्य की कहानी बनती नया धमाल।| सर्दी के इस खूबसूरत मौन में, सौंदर्य की कहानी बनती नया धमाल।|
ना लिखो कोई रस पाने को, लिखो हर रस बहाने को। ना लिखो कोई रस पाने को, लिखो हर रस बहाने को।
आज वही दिन है आया सबका हुआ ये मनभाया सदियों रही हमें प्रतीक्षा पूरित हुयी आज इच्छा। आज वही दिन है आया सबका हुआ ये मनभाया सदियों रही हमें प्रतीक्षा पूरित हु...
आज ग़म हैं तो कल खुशी के पल आएंगे।। आज ग़म हैं तो कल खुशी के पल आएंगे।।
ममत्व मातृ अंक में, मिला मुझे विराम है॥ पवित्र पुण्य भारती, प्रणाम है प्रणाम है॥ ममत्व मातृ अंक में, मिला मुझे विराम है॥ पवित्र पुण्य भारती, प्रणाम है प्रणाम है॥
जुनून है तो जान है जान है तो जहान है तू आत्मसात तो कर। जुनून है तो जान है जान है तो जहान है तू आत्मसात तो कर।
सीखकर पाठ मर्यादा पुरुषोत्तम जीवन से संवर जाए यह मानुष तन फिर। सीखकर पाठ मर्यादा पुरुषोत्तम जीवन से संवर जाए यह मानुष तन फिर।
भव सिंधु से राम तारते तन मन धन प्रभु चरण वारते॥ भव सिंधु से राम तारते तन मन धन प्रभु चरण वारते॥
मां भारती के वीर सपूत को मेरा शत्-शत् प्रणाम। मां भारती के वीर सपूत को मेरा शत्-शत् प्रणाम।
सचमुच उनकी हिम्मत को नमन है, जो सीमा पर रहते हर वक्त तैनात हैं। सचमुच उनकी हिम्मत को नमन है, जो सीमा पर रहते हर वक्त तैनात हैं।
ऐ दिल तू यूं ही गाता चल नए तराने नए लोग यूं ही पिरोता चल। ऐ दिल तू यूं ही गाता चल नए तराने नए लोग यूं ही पिरोता चल।
ये तेरी जो बुद्धि है, तू कर यकीन उस माली पर, जिसने सींचा निःस्वार्थ भाव, ये तेरी जो बुद्धि है, तू कर यकीन उस माली पर, जिसने सींचा निःस्वार्थ भाव,
धनवान वह नहीं जिसके पास धन की टोकरी। धनवान वह नहीं जिसके पास धन की टोकरी।
क्रिस्टलों के साथ आओ हम-तुम नृत्य करें, एक दिव्य नृत्य, हो जो तुलना से परे। क्रिस्टलों के साथ आओ हम-तुम नृत्य करें, एक दिव्य नृत्य, हो जो तुलना से परे।
प्रकृति का पैगाम आपके लिए आएगा आप सा सुंदर जहां कौन बना पाएगा। प्रकृति का पैगाम आपके लिए आएगा आप सा सुंदर जहां कौन बना पाएगा।
वो तुम्हारे हैं सपनों से भी जलते, है तुम्हे डुबाने का विचार रखते। वो तुम्हारे हैं सपनों से भी जलते, है तुम्हे डुबाने का विचार रखते।
अपनो को खुशियां देने में, समझौते पर समझौता करता रहता। अपनो को खुशियां देने में, समझौते पर समझौता करता रहता।
कौन पढ़ेगा इस पल को नोचती इस कविता को? क्या तुम? कौन पढ़ेगा इस पल को नोचती इस कविता को? क्या तुम?