STORYMIRROR

डाॅ सरला सिंह "स्निग्धा"

Inspirational

3  

डाॅ सरला सिंह "स्निग्धा"

Inspirational

रंग

रंग

1 min
172

रंग बरसता होली में देखो

बिन बादल हर आंगन में।


दिल उपवन है खिला हुआ 

बगिया जैसे हो सावन में।


कंठ कंठ संगीत सजा है

ये राग रंग मन भावन है।


है गली गली उत्साह पर्व 

आया उत्सव यह पावन है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational