कुंडलिया छंद
कुंडलिया छंद
सजना करवाचौथ है, नहीं मात्र उपवास।
पत्नी का पतिप्रेम ये,बात एक है खास।
बात एक है खास,पत्नियाँ भूखी रहकर।
पति की लंबी उम्र, माँगतीं हर दुख सहकर।
मुझे न जाना छोड़, नाम बस मेरा जपना।
सात जन्म का साथ, निभाना मेरे सजना।।

