STORYMIRROR

डाॅ. बिपिन पाण्डेय

Classics Inspirational

4  

डाॅ. बिपिन पाण्डेय

Classics Inspirational

लिपट तिरंगे में घर आना

लिपट तिरंगे में घर आना

1 min
375

भारत माँ की लाज बचाना।

राष्ट्र धर्म को सदा निभाना।।1


जाति धर्म मजहब के कारण, 

बँटे हुओं को गले लगाना।2


आजादी के परवानों की,

गाथा तुम सब भूल न जाना।3


प्रहरी बनकर सीमाओं पर,

दुश्मन को है मार गिराना ।4


लोगों की बातों से भटके,

भ्रमित जनों को मार्ग दिखाना।5


धूमधाम के साथ सदा ही,

राष्ट्र पर्व प्रत्येक मनाना।6


मजहब आड़े क्यों आता है,

राष्ट्र- गान जब होता गाना।7


मेरी तो अंतिम इच्छा है, 

लिपट तिरंगे में घर आना।8


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics