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Monika Garg

Inspirational

3.8  

Monika Garg

Inspirational

कुदरत के रंग

कुदरत के रंग

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ऐ ख़ुदा तेरी इस दुनिया में अनेको रंग भरे हैं,

एक रंग में भी कितने रंग जुड़े हैं।


एक सूरज से किरण निकली,

धरा पर फैली जुदा जुदा ।


एक ही ज़मीन से निकले पौधे,

फल हर एक के जुदा जुदा ।


तीतली कहती मैं खूबसूरत,

रंग उस का भी जुदा जुदा ।


बड़े हसीन नज़ारे यहाँ के,

हर एक का आकार जुदा ।


लाल रंग का खून सब का,

फिर भी है इन्सान जुदा ।


एक सी दिखने वाली चीजें,

काम उनके जुदा जुदा ।


ऐ कुदरत को रचने वाले,

यहाँ तेरे नाम भी जुदा ।


आज कलम ने लिखे जो,

दिल में थे अरमान जुदा ।


ऐ ख़ुदा तू ही बता दे यह सब क्यों अलग करें है,

तेरी इस बनाई दुनिया मे अनेकों रंग भरे हैं,




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