STORYMIRROR

Jitendra Meena

Abstract

4  

Jitendra Meena

Abstract

कुछ करके दुनिया बनाये ।

कुछ करके दुनिया बनाये ।

1 min
275

कुछ तुम सोचो, कुछ हम सोचे,

कुछ तुम करो, कुछ हम करे।


कुछ लोग सोचेंगे, कुछ लोग करेंगे,

कुछ ये भी सोचेंगे, कुछ वो भी करेंगे।


कुछ जरूरतें तुम पूरा करो,

कुछ जरूरतें हम पूरा करेंगे।


कुछ कमियाँ बगियाँ के पौधे पूरा करेंगे,

कुछ कमियाँ नन्ही चिडिया पूरा करेगी।


कुछ कमियाँ आपके चाहने वाले पूर करेंगे,

कुछ कमियाँ दिल मे बसाने वाले पूरा करेंगे।


कुछ कमियाँ आपकी मेहनत पूर करेगी,

कुछ कमियाँ आपके कर्म पूरा करेंगे।


हम ज्यादा नही करेंगे कुछ कमियाँ पूरा करके,

कुछ कमियाँ दूर करके खुशनुमा दुनिया बनायेंगे।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract