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Nilofar Farooqui Tauseef

Abstract Action Inspirational

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Nilofar Farooqui Tauseef

Abstract Action Inspirational

कुछ ख़्वाब अभी बाकी है

कुछ ख़्वाब अभी बाकी है

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ऐ ज़िन्दगी तेरा हिसाब अभी बाक़ी है।

कुछ ख़्वाब हुए पूरे, कुछ ख़्वाब अभी बाक़ी है।


लहरों में पाउँ तो रख लिया मैंने।

मंज़िल का निशान अभी बाक़ी हैं।


जो सज न सका था ख़्वाब बचपन में,

इस उम्र की वो उड़ान अभी बाक़ी है।


हर एक हर्फ, आरज़ू बन जाए हर किसी की,

उन लफ़्ज़ों की तराश अभी बाक़ी है।


बहुत विशाल है यहाँ लेखकों की दुनिया,नीलोफ़र

इस नाचीज़ की छोटी पहचान अभी बाक़ी है।


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