STORYMIRROR

Vikash Vikash

Tragedy

1  

Vikash Vikash

Tragedy

कुछ भी करो पर vikasdalal571

कुछ भी करो पर vikasdalal571

1 min
105

कुछ भी करो पर ये दुनिया अच्छा कहने नहीं देती,

कुछ भी हो जाए लेकिन हमें खुश रहने नहीं देतीl


हमारी एक गलती भी गुनाह है

अपनी गलती को गलती कहने नहीं देती,

कुछ भी हो जाए लेकिन हमें खुश रहने नहीं देतीl


इतने फख्र से करते हैं दूसरे की बदनामी

क्यों यह एक दूसरे को इज्जत से रहने नहीं देती,

कुछ भी हो जाए लेकिन हमें खुश रहने नहीं देतीl


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy