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ख़ाक .

Abstract

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ख़ाक .

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कश्ती

कश्ती

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यूं तो पहले दर्द से दोस्ती इतनी गहरी ना थी

यूं तो पहले मेरी ज़िंदगी इतनी ठहरी ना थी।

तूफानों से लड़ कर जब पहुंचे हम किनारे,

तो पता चला के वो कश्ती मेरी ना थी।


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