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ख़ाक .

Abstract

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ख़ाक .

Abstract

हर्फ़-दर-हर्फ़

हर्फ़-दर-हर्फ़

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हर्फ़-दर-हर्फ़

तेरा नाम अपने

दिल पर लिखता रहा 


मेरी माँ के लिए

तो मैं अनमोल था,


तेरे लिए

मैं कौड़ियों के

दाम बिकता रहा।


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