STORYMIRROR

Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Inspirational

4  

Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Inspirational

" कर्मयोगी "

" कर्मयोगी "

1 min
198


किसने कहा 

ख्वाब पूरे 

नहीं होते, 

पहले तो 

अच्छे सुनहरे 

ख्वाब देखो !

जिसे चाहत

होती है 

आसमां छूना, 

क्षितिज में 

पंख फैला 

करके देखो !!

कर्म से ही 

लोग बनते 

हैं धनुर्धर,  

भाग्य की धारा 

को वो मोड़ देते !

अपने बल 

पराक्रम के 

भंगिमाओं से 

महाभारत युद्ध 

सारे जीत लेते !!

"कर्मयोगी "

कर्म पर विश्वास

करते,  

क्षणिक धन से 

उन्हें क्या करना ?

सम्मान के 

भूखों के वे  

प्यासे हैं,   

उन्हें मुफ़्त की 

भीख क्यों लेना ? 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational