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मिली साहा

Abstract Inspirational

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मिली साहा

Abstract Inspirational

कर्म क्षेत्र है यह संसार

कर्म क्षेत्र है यह संसार

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कर्म क्षेत्र है यह संसार मोह माया का जाल है,

कर्म अनुसार कोई खुश है तो कोई बुरे हाल है,


ईश्वर ने अनमोल जीवन का वरदान दिया है,

जैसा जिसने कर्म किया वैसा ही फल पाया है,


जो होठों पर मुस्कान रख अपना कर्म करता है,

वही स्वयं के जीवन को खुशियों से भर पाता है,


मुश्किलों से लड़ते जाना संघर्ष ही जीवन होता है,

बिना कर्म के जिंदगी जीना आसान नहीं होता है,


ईश्वर पग पग पे साथ हमारे,बस आगे बढ़ते रहना,

फल की चिंता किए बिना बस कर्म करते ही जाना,


जैसे चिड़िया रोज दाने की खोज में बाहर निकलती है,

कभी मिलता दाना पानी तो कभी खाली हाथ लौटती है,


किंतु हार नहीं मानती हर बार आशा की उड़ान भरती है,

हर कर्म देखते हैं ईश्वर हम सब पर उनकी नजर रहती है,


बस ध्यान रहे कर्म करने में कभी अहंकार ना आने पाए,

और सफलता के जोश में किसी का अहित ना हो जाए।


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