MERE EHSAS TERI KHAMOSHI
Romance
हमने तो कर दिया आज़ाद
मोहब्बत में कशिश हुई तो
कहीं जा ना पाओगे।
एक ना एक दिन
मेरे पास लौट आओगे
रूह के बिन जिस्म
कब तक सह पाओगे।
" आओ होली का ...
मेरी जिंदगी
कर दिया आजाद
ना रोकेगी तुमको "नीतू" आदिल हुए इस गाम को। ना रोकेगी तुमको "नीतू" आदिल हुए इस गाम को।
वो तुम्हारी गर्म साँसों का मेरे गालों को छू जाना। वो तुम्हारी गर्म साँसों का मेरे गालों को छू जाना।
बीत चुका अब, वह सावन का महीना साथ ले गया, तुझसे मिलने का बहाना बीत चुका अब, वह सावन का महीना साथ ले गया, तुझसे मिलने का बहाना
तुमको मुबारक तुम्हारा जहां मुझे नहीं चाहिए ऐसा प्रेम...! तुमको मुबारक तुम्हारा जहां मुझे नहीं चाहिए ऐसा प्रेम...!
हर किसी की जोड़ी ऊपर से लिखकर भेजता है ! हर किसी की जोड़ी ऊपर से लिखकर भेजता है !
सुना है मैने की होती है भाषा प्यार की। आती नहीं है नजर हर किसी को। सुना है मैने की होती है भाषा प्यार की। आती नहीं है नजर हर किसी को।
भुलाऊँ किस तरह तुमको , तुम्हारी याद आती है ! भुलाऊँ किस तरह तुमको , तुम्हारी याद आती है !
ये प्यार का गणित है जरा अलग हिसाब किताब होता है !! ये प्यार का गणित है जरा अलग हिसाब किताब होता है !!
दिल साफ़ रहे अपना कुछ और नहीं माँगा। दिल साफ़ रहे अपना कुछ और नहीं माँगा।
पहलू में कबसे बैठे हैं उनके मगर कुछ बेखबर से हैं पहलू में कबसे बैठे हैं उनके मगर कुछ बेखबर से हैं
प्यार हमारा तुम्हारा ह्रदय में उजास की चाहत तो है पर उजास नहीं। प्यार हमारा तुम्हारा ह्रदय में उजास की चाहत तो है पर उजास नहीं।
तेरे लिए दुनिया में हमें फिर से पड़ेगा आना। तेरे लिए दुनिया में हमें फिर से पड़ेगा आना।
मिलने की प्यास, हर जगह सिर्फ उसे ही देखना मिलने की प्यास, हर जगह सिर्फ उसे ही देखना
हीर-रांझा, सोनी- महिवाल नहीं हम राधा-कृष्ण सा प्रेम कर गया कोई। हीर-रांझा, सोनी- महिवाल नहीं हम राधा-कृष्ण सा प्रेम कर गया कोई।
तेरे आगोश में आकर। मैं हर गम भूल जाती हूं। तेरे आगोश में आकर। मैं हर गम भूल जाती हूं।
मन से वो मन की मेरे ही पहचान कर गया पल भर में ज़िन्दगी का मेहमान कर गया। मन से वो मन की मेरे ही पहचान कर गया पल भर में ज़िन्दगी का मेहमान कर गया।
हर रिश्तों से बना प्यार और प्यार से बन जाते हैं रिश्ते। हर रिश्तों से बना प्यार और प्यार से बन जाते हैं रिश्ते।
मुझे डरपोक कहती हाँ मैं डरता हूँ मगर बस तुम्हें खोने से मुझे डरपोक कहती हाँ मैं डरता हूँ मगर बस तुम्हें खोने से
पल पल ध्यान तुम्हारा, कम्पित कर स्पर्श तुम्हारा। पल पल ध्यान तुम्हारा, कम्पित कर स्पर्श तुम्हारा।
मिल गया दिल-ए-'राना' तुम्हें। फिर क्या इसके सिवा चाहिए।। मिल गया दिल-ए-'राना' तुम्हें। फिर क्या इसके सिवा चाहिए।।