SARVESH KUMAR MARUT
Inspirational
कोरोना को अगर हराना है,
तो घर से बाहर नहीं जाना है।।
तोड़े हम इसकी चेन अगर,
रुकेगा इसका तभी सफ़र।
सरकार का यह कर्त्तव्य नहीं,
यह कर्त्तव्य बस हमारा।
बस हमारा...!
कली नोंची गयी
कागा
बसंत आया
चले चलो
मैं पत्थर की ...
मैं नन्हीं-सी...
मैं पानी हूँ
मैं नन्हीं सी...
माँ
ओ !गौरैया-ओ !...
अनुुुपम है प्रकृृति की, काले तम सी रचना। अनुुुपम है प्रकृृति की, काले तम सी रचना।
आपकी हाँ का भी इतजार नहीं हे हमें तो सिर्फ मृदुल मन तुम्हें चाहे वही आपकी हाँ का भी इतजार नहीं हे हमें तो सिर्फ मृदुल मन तुम्हें ...
अपनी ख़ुशी को कायम रखो और बटोरते रहो अपनी ख़ुशी को कायम रखो और बटोरते रहो
देख सकूँगा तेरे भवन को मेरा जीवन भाग्यशाली है।। देख सकूँगा तेरे भवन को मेरा जीवन भाग्यशाली है।।
हमें हमसे रूबरू कराया, आपने परिधानों के इतिहास से हेम रूबरू करवाया हमें हमसे रूबरू कराया, आपने परिधानों के इतिहास से हेम रूबरू करवाया
हिन्द अखंडित देशभक्ति का आओ हम संकल्प करें।। हिन्द अखंडित देशभक्ति का आओ हम संकल्प करें।।
और मैं अब उस ख़्वाबों के कमरे की बालकनी में नहीं ख़्वाबों के मकान के अंदर रहती हूँ। और मैं अब उस ख़्वाबों के कमरे की बालकनी में नहीं ख़्वाबों के मकान के अंदर ...
संघर्षों से हर पल मित्रता करना सिखाया, मुझे कविता से कवि तक के सफर में बिठाया! संघर्षों से हर पल मित्रता करना सिखाया, मुझे कविता से कवि तक के सफर में बिठाया...
समझो ना मुझे कभी कम तुम मैं भी तुुम में से एक हूं! समझो ना मुझे कभी कम तुम मैं भी तुुम में से एक हूं!
जिंदगी क्या है इसके है रंग हज़ार जिंदगी एक ख्वाब है! जिंदगी क्या है इसके है रंग हज़ार जिंदगी एक ख्वाब है!
सफेद लिबाज़ पहन से मन उजले होते नहीं, मन की कलीख को मिटाओ तो ज़रा। सफेद लिबाज़ पहन से मन उजले होते नहीं, मन की कलीख को मिटाओ तो ज़रा।
क्या ! लोभ भी है भीतर मेरे ये प्रारम्भ से ही साथ हैं ? या बस आज कल की बात है ? क्या ! लोभ भी है भीतर मेरे ये प्रारम्भ से ही साथ हैं ? या बस आज कल की बात...
जब से तुम मेरी जिंदगी में आए हो, ना जाने क्यों अपनों से बढ़ कर अपने बन गए हो जब से तुम मेरी जिंदगी में आए हो, ना जाने क्यों अपनों से बढ़ कर अपन...
मिट्टी के लिए लहू बहाकर मिट्टी पर कुर्बान हुआ हूं! मिट्टी के लिए लहू बहाकर मिट्टी पर कुर्बान हुआ हूं!
दिलों में, भारत मां का सिक्का चलता है। दिलों में, भारत मां का सिक्का चलता है।
पूजी जाती जहाँ नारी है वहाँ हरोज वैलेंटाइन डे की तैयारी है। पूजी जाती जहाँ नारी है वहाँ हरोज वैलेंटाइन डे की तैयारी है।
सफर की मुश्किलें असां हो जायेगी हँसते हँसते सफर कट जायेगा। सफर की मुश्किलें असां हो जायेगी हँसते हँसते सफर कट जायेगा।
इससे पहले इस जिंदगी को सही मायने दे दो। इससे पहले इस जिंदगी को सही मायने दे दो।
अगर मिल जाता सब बिना किसी मेहनत के तो सपनों का स्वाद किसी को पता ना होता अगर मिल जाता सब बिना किसी मेहनत के तो सपनों का स्वाद किसी को प...
कब तक लकीर के फकीर होते रहोगे दकियानूसी परंपराओं को ढोते रहोगे ! कब तक लकीर के फकीर होते रहोगे दकियानूसी परंपराओं को ढोते रहोगे !