STORYMIRROR

Kavi kapil khandelwal 'Kalash'

Abstract

3  

Kavi kapil khandelwal 'Kalash'

Abstract

कोरोना काल

कोरोना काल

1 min
329


कुछ आराम करना सीख गये

कुछ काम करना सीख गये

कुछ पैदल चलना सीख गये

कुछ पैसे बचाना सीख गये

कुछ पैसे उड़ाना सीख गये

कुछ खाना बनाना सीख गये

कुछ मदद करना सीख गये

कुछ दान करना सीख गये

कुछ घर पर रहना सीख गये

कुछ वजन बढ़ाना सीख गये

कुछ वजन घटाना सीख गये

मोबाईल से पढ़ना सीख गये

मिल-जुल रहना सीख गये

ऑनलाइन व्यापार सीख गये

ऑनलाइन टीचिंग सीख गये

कोरोना बहुत कुछ ले गया

पर बहुत कुछ सिखा दिया।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract