STORYMIRROR

Kavi kapil khandelwal 'Kalash'

Inspirational

3  

Kavi kapil khandelwal 'Kalash'

Inspirational

गर्व

गर्व

1 min
183


हाँ मुझे गर्व मैं

भारती का लाल हूँ 

देश का सिपाही हूँ 

धरती का किसान हूँ 

देश का अभिमान हूँ 

पन्नाधाय का पुत्र हूँ 

दशरथ का राम हूँ 

देवकी का कान्हा हूँ 

अन्धे माँ-बाप का श्रवण हूँ 

देश की आन-बान-शान

 की खातिर 

दुश्मन से लड़ने के लिए 

आठों पहर तैयार हूँ

वतन की खातिर जो 

मर मिट गया 

उस उजड़ी माँ की कोख

का शहीद लाल हूँ 

हाँ मुझे गर्व मैं

भारती का लाल हूँ ।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational