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रिपुदमन झा "पिनाकी"

Comedy Romance Classics

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रिपुदमन झा "पिनाकी"

Comedy Romance Classics

कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे

कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे

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कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे

तड़पता हुआ जब कोई छोड़ दे

तुम अपने घर में ही रहना प्रिये

मेरा दर है बंद और बंद ही रहेगा तुम्हारे लिए...

कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे...


अभी खूबसूरत हो मेरे सनम

बहुत ताड़ने वाले मिल जाएंगे

जो खाली है दिल का चमन चार दिन में

चाहत से फिर ये तो खिल जाएंगे।


मिले न अगर तुमको माली कोई

कि खिलने को फूलों सी डाली कोई

तब तुम ज़हर खाके मरना प्रिये

हर ऑप्शन खुला है खुला ही रहेगा तुम्हारे लिए

कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे...


मेरी तरह हैं उल्लू आशिक बहुत

तुम्हारे लिए फिर निकल आएगा

डालोगी जब हुस्न का जाल तो

कोई न कोई पंछी फंस जाएगा


अगर घास डाले न फिर भी कोई

उठाए न हर नखरे तेरे कोई

तब तुम कहीं डूब मरना प्रिये

सरोवर में पानी भरा ही मिलेगा तुम्हारे लिए।

कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे...


कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे

तड़पता हुआ जब कोई छोड़ दे

तुम अपने घर में ही रहना प्रिये

मेरा दर है बंद और बंद ही रहेगा तुम्हारे लिए...


फिल्म - पूरब और पश्चिम

धुन - कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे


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