कोई दरवाजा न हो
कोई दरवाजा न हो
जब कभी भी रास्ता मिलना बड़ा दुश्वार हो।
कोई दरवाजा ना हो बस सामने दीवार हो।
ट्रेन में जब भीड़ हो कि दो इंच जगह न मिले।
और हों हालात ऐसे की कोई अपना न मिले।
इन सभी हालत में समझौता करना ही पड़ेगा।
अगर कुछ पाना है तो कुछ तुम्हें खोना पड़ेगा।
टूट जाते है कठोर पेड़ अक्सर यहां तूफान में।
दूब झुक जाती है और बिन टूटे खड़ी तूफान में।
नदी मुड़ जाती है गर रास्ते में जो पर्वत आ गए।
अपने पानी से फिर रास्ते वो काटती है चट्टान में।
