कंकालों की दुनिया अच्छी
कंकालों की दुनिया अच्छी
ये इंसानों की बस्ती है
यहां जीवन भी सस्ती है
कंकालों से दुनिया डरती
मुखौटा ओढ़ने वालों पर विश्वास है करती
है कंकालों की दुनिया अच्छी
क्योंकि वहां न पाप अधर्म
इंसान की बस्ती में चलता देह व्यापार
पाप, अन्याय से हैं सबका सरोकार
कंकालों की काली दुनिया
क्या इंसानों ने कभी किया कोशिश
दीये जलाने की।।
