STORYMIRROR

Kavita Sharrma

Inspirational

3  

Kavita Sharrma

Inspirational

कला

कला

1 min
183

दिन भर थककर मानव 

रात में करे विश्राम


रात के साये तले प्रकृति नटी  

करती अपना काम


इक क्षण भी बिना रुके 

मानव को देती जाती


अनुशासित रहकर कर्म 

करने की कला है हमें सिखाती।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational