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Saurabh Dubey

Horror

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Saurabh Dubey

Horror

कल जो मेरे हिस्से में थे

कल जो मेरे हिस्से में थे

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कल जो मेरे हिस्से में थे 

वह आज किस्से हो गए

क्या पुरानी क्या नई

सिर्फ याद बनके रह गए


इनको अब फुर्सत कहा 

ये इतने व्यस्त जो हो गए

यादों की एक नई बरसात

सिर्फ मेरे दिल बरस कर रह गए


छोड़ कर चले गए सब 

अब याद ना आते हम उनको

छोटे थे तब साथ रहते 

अब साथ छोड़ कर चले गए


क्यों हो गया मतलबी ये जमाना

सब पैसों के दीवाने हो गए


बाप मर रहा है घर में

मां भूखी प्यासी सो गई

सोच रहे हैं माता-पिता सब

क्या अब यही दिन देखने रह गए


"जिनको को हमने जन्म दिया 

वह बात करने से कतराते है

कैसे हो पूछना कभी पूछते ही नही 

बस जायदाद के लिया हाथ बढ़ाते हैं"


छोड़े गए सब साथ अपनों का

अब हम अकेले रह गए

क्या नई क्या पुरानी 

सिर्फ याद बनकर रह गए


कल जो मेरे हिस्से में थे

वह ख्वाब बनकर रह गए।


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