Vineeta Joshi
Tragedy
अपने दुखों को तुम किसी से न कहो
हो सके जितना अकेले ही सहो
क्योंकि, सुनने तक ही सब साथ है
पलट कर करते अक्सर विश्वास घात है
दर्द न सह सको तो देर तलक रोते रहो
पर अपने दुखों को तुम किसी से न कहो।
या तुझे पता ह...
खोज
किसी से न कहो
तुम्हें खुद क...
इश्क़ वाली झपक...
कोई तो बात जर...
गुफ़्तगू
भ्रमजाल
वही दिन है वही रातें, मगर तुम नहीं हो तुम्हे ढूंढती है ये निगाहें पर तुम नहीं हो ! वही दिन है वही रातें, मगर तुम नहीं हो तुम्हे ढूंढती है ये निगाहें पर तुम नही...
पतझड़ बन आयी थी पर उसके कदमों की कारीगरी तो सावन को बुला लाई थी पतझड़ बन आयी थी पर उसके कदमों की कारीगरी तो सावन को बुला लाई थी
मत आना मिलने मुझसे। बाहर मौसम भी है सर्द मत आना मिलने मुझसे। बाहर मौसम भी है सर्द
आ मिल बाटकर जी ले हम हमारी ज़िन्दगी को अपने रिश्ते में। आ मिल बाटकर जी ले हम हमारी ज़िन्दगी को अपने रिश्ते में।
तू मुझको बता दे क्या मैं युग युग तक यूँ ही अजन्मा रहूंगी तू मुझको बता दे क्या मैं युग युग तक यूँ ही अजन्मा रहूंगी
अब ना वो तुझे बार बार बुलाएगी, घर कब आएगा, ये कह कर सताएगी। अब ना वो तुझे बार बार बुलाएगी, घर कब आएगा, ये कह कर सताएगी।
सत्य की कसौटी पर उतरना, यूं आसान नहीं होता। सत्य की कसौटी पर उतरना, यूं आसान नहीं होता।
बिजली के तार से लटकी हुई, वो एक कटी हुई पतंग ! बिजली के तार से लटकी हुई, वो एक कटी हुई पतंग !
भगीरथ की कठोर तपस्या ने धरती पर गंगा को उतारा! भगीरथ की कठोर तपस्या ने धरती पर गंगा को उतारा!
आंखों ने रात देखा ख़ौफ़नाक मंज़र था फिर ख़्याल आया जैसे कोई सपना था। आंखों ने रात देखा ख़ौफ़नाक मंज़र था फिर ख़्याल आया जैसे कोई सपना था।
हिन्दी प्यारी लागे हिन्दी की छवि निराली है I हिन्दी प्यारी लागे हिन्दी की छवि निराली है I
इन आंखों से उतरकर आज मैखाना आया है तेरी चौखट पर लेकर खाली पैमाना आया है इन आंखों से उतरकर आज मैखाना आया है तेरी चौखट पर लेकर खाली पैमाना आया है
एक लड़की भोली-भाली सी, प्यारी मासूम अनजानी सी। एक लड़की भोली-भाली सी, प्यारी मासूम अनजानी सी।
आँखें खोलीं ,मिली पांव को दलदल की सौगात। आँखें खोलीं ,मिली पांव को दलदल की सौगात।
मन में कलियां सी खिलती थीं अपना न छूटे साथ कभी मन में कलियां सी खिलती थीं अपना न छूटे साथ कभी
संकट में है धरती सारी जीव जंतुओं पर संकट भारी। संकट में है धरती सारी जीव जंतुओं पर संकट भारी।
फटे कपड़े, आसमान से ढका बदन, धरती की धूल ही है मेरे पैरों की मेहंदी। फटे कपड़े, आसमान से ढका बदन, धरती की धूल ही है मेरे पैरों की मेहंदी।
मुबारक हो! आप पानी को खो चुके हैं मुबारक हो! आप पानी को खो चुके हैं
ठिठोली भी होती, लड़ाई भी होती, मुंह फुलाए ननद-भौजाई भी होती, ठिठोली भी होती, लड़ाई भी होती, मुंह फुलाए ननद-भौजाई भी होती,
उन परिंदों की उड़ान पर कब तक पहरे लगा पाएगा कोई. उन परिंदों की उड़ान पर कब तक पहरे लगा पाएगा कोई.