Vineeta Joshi
Tragedy
अपने दुखों को तुम किसी से न कहो
हो सके जितना अकेले ही सहो
क्योंकि, सुनने तक ही सब साथ है
पलट कर करते अक्सर विश्वास घात है
दर्द न सह सको तो देर तलक रोते रहो
पर अपने दुखों को तुम किसी से न कहो।
या तुझे पता ह...
खोज
किसी से न कहो
तुम्हें खुद क...
इश्क़ वाली झपक...
कोई तो बात जर...
गुफ़्तगू
भ्रमजाल
कौन हूँ मैं! किसीे की दुहिता भगिनी भार्या या फ़िर किसीे की जननी! कौन हूँ मैं! किसीे की दुहिता भगिनी भार्या या फ़िर किसीे की जननी!
चलता है जो उस राह पर फिर चले उसके पांवों में तो बस कांटा ही चुभता है। चलता है जो उस राह पर फिर चले उसके पांवों में तो बस कांटा ही चुभता है...
काश उचित वक्त पर कोई समझा पाता जिन्दगी क्या है उसको बतला पाता। काश उचित वक्त पर कोई समझा पाता जिन्दगी क्या है उसको बतला पाता।
वो जो इस दौर में भी राहो पर नजर आते हैं, ज़रूर कोई मजबूरी हें या फरिश्तों के बाशिंदे वो जो इस दौर में भी राहो पर नजर आते हैं, ज़रूर कोई मजबूरी हें या फरिश्तों के...
सब बदलाव चाहते हैं बदलाव की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं. सब बदलाव चाहते हैं बदलाव की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं.
जितनी तकलीफ में लोग रोने लगते हैं उतने में तो हम उफ्फ तक कहते नहीं जितनी तकलीफ में लोग रोने लगते हैं उतने में तो हम उफ्फ तक कहते नहीं
दूसरों के दर्द को अपनाओ, अच्छा होगा, किसी रिश्ते से विश्वास तो नहीं उठेगा। दूसरों के दर्द को अपनाओ, अच्छा होगा, किसी रिश्ते से विश्वास तो नहीं उठेगा।
अलफाजों के खूबसूरत वादियों में शामिल हो गए हम आजमाने के लिए अलफाजों के खूबसूरत वादियों में शामिल हो गए हम आजमाने के लिए
हिम्मत उसने जुटायी, मानेगी ना हार, यह कसम थी उसने खायी। हिम्मत उसने जुटायी, मानेगी ना हार, यह कसम थी उसने खायी।
कहतें हैं कि पिता दुख जताना नहीं जानता , परन्तु वह तो दुख जताना नहीं चाहता! कहतें हैं कि पिता दुख जताना नहीं जानता , परन्तु वह तो दुख जताना नहीं चाहता!
उसकी बेवफाई की सुरंग सी काली परछाइयों में दम तोड़ दे। उसकी बेवफाई की सुरंग सी काली परछाइयों में दम तोड़ दे।
कहूँ या ना कहूँ, या बस यूँ ही चुप रहूँ। कहूँ या ना कहूँ, या बस यूँ ही चुप रहूँ।
दोस्त ! तुम्हे जितना भुलना चाहूं उतना ही याद आते हो ,आओगे। दोस्त ! तुम्हे जितना भुलना चाहूं उतना ही याद आते हो ,आओगे।
वो बेबाक बोलने वाली लडकी अब खामोश रहने लगी है. वो बेबाक बोलने वाली लडकी अब खामोश रहने लगी है.
आईने में देखा मुस्कुराहट ने कहा अभी जवान हूँ भोले, किसी से कम हूँ के. आईने में देखा मुस्कुराहट ने कहा अभी जवान हूँ भोले, किसी से कम हूँ के.
काले, रूखे और बेजान केशों के जालों में। काले, रूखे और बेजान केशों के जालों में।
देश पर जो संकट आया डट कर उसका सामना करेंगे देश पर जो संकट आया डट कर उसका सामना करेंगे
एक प्रश्नचिन्ह सा लगा है सम्मुख समझो जितना और उलझता एक प्रश्नचिन्ह सा लगा है सम्मुख समझो जितना और उलझता
क्या पता मिल ही जाए वो किसी और मयखाने में। क्या पता मिल ही जाए वो किसी और मयखाने में।
एकांत वास में बैठ प्रभू का,अब सुमिरन ध्यान करो। एकांत वास में बैठ प्रभू का,अब सुमिरन ध्यान करो।