किस लिये है
किस लिये है
वो है अगर किस लिए है ।
मुझे उनकी ख़बर किस लिए है ।
मैं ना देख पाउँगा उनको कभी,
मुझे ऐसी नजर किस लिए है ।
यहाँ जिन्दा सभी रहना चाहते है,
वो जिन्दा मगर किस लिए है ।
गहरी है डरावनी है देखो तो,
ये खोदी कबर किस लिए है ।
मतलब से जीता हर आदमी यहाँ,
यहाँ किसकी फिकर किस लिए है ।
तेरी मंजिल तेरे सामने है ऐ दिल
भटकता तू दरबदर किस लिए है ।
ना तुझको पसंद है तू रहना चाहती है,
बनाया मैंने ये घर किस लिए है ।
तुने कोई गुनाह किया नही प्रशांत,
फ़िर तुझे दुनिया से डर किस लिए है ।
