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Prashant More

Drama

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Drama

किस लिये है

किस लिये है

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वो है अगर किस लिए है ।

मुझे उनकी ख़बर किस लिए है ।


मैं ना देख पाउँगा उनको कभी,

मुझे ऐसी नजर किस लिए है ।


यहाँ जिन्दा सभी रहना चाहते है,

वो जिन्दा मगर किस लिए है ।


गहरी है डरावनी है देखो तो,

ये खोदी कबर किस लिए है ।


मतलब से जीता हर आदमी यहाँ,

यहाँ किसकी फिकर किस लिए है ।


तेरी मंजिल तेरे सामने है ऐ दिल

भटकता तू दरबदर किस लिए है ।


ना तुझको पसंद है तू रहना चाहती है,

बनाया मैंने ये घर किस लिए है ।


तुने कोई गुनाह किया नही प्रशांत,

फ़िर तुझे दुनिया से डर किस लिए है ।





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