की थी तेरी बिदाई
की थी तेरी बिदाई
तुझे बिठा डोली में बिटिया, की थी तेरी बिदाई।
लेकिन कभी नहीं सोचा था, बेटी हुई पराई।
आज तेरे जीवन में बिटिया ऐसा संकट आया,
इक पल में ही उसने तेरा सुख संसार मिटाया।
फिक्र न कर बिटिया ये तेरा पिता अभी जिंदा है।
तेरी और तेरे दोनों बच्चों की मुझे चिन्ता है।
ये वादा रहा तुझसे, मैं सारे फर्ज निभाऊँगा।
एक काम ऐसा है, जिसे नहीं कर पाऊँगा।
दुनिया छोड़ के जाने वाले, नहीं लौटकर आते।
दुनिया से जाने वाले, दुनिया को रुलाकर जाते।
बच्चों की हिम्मत बनकर अब तुझको जीना होगा।
विषदन्तों की बातों पर कोई ध्यान न देना होगा।
बच्चे पढ़-लिख जायें, हमको यही यत्न करना है।
बेमतलब की बातों पर कुछ कान नहीं धरना है।
"ये वादा रहा तुमसे पापा! हर बात तुम्हारी मानूँगी।
मात -पिता का साया सिर पर, हार भला क्यों मानूँगी।
भाई दुख में साथ खड़ा है, रार भला क्यों ठानूँगी ?
तुम जो कहोगे, ठीक कहोगे,सत्य उसी को मानूँगी।
तुम बने सहारा मेरा, हम बनेंगे तेरा सहारा।
इक दूजे के सहारे, हो जाएगा गुजारा।
