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christian saini

Inspirational

5.0  

christian saini

Inspirational

ख़्वाहिश

ख़्वाहिश

1 min
373


ख़्वाहिश है उस चाँद को छूने की

तम्मना है उस चाँद को पाने की

चाहत है बगिया में महकने की

मासूम सी चाह है तितली बनने की

ख़्वाहिशों से भरा जहाँ मेरा


चाहत है चार दिन की जिंदगी में

चार हसीन पल समेटने की

बाहें फैला के बैठी है जिंदगी

रूठी हुई किस्मत भी फिर

से मान जाएंगी


चाहते बाँटती हूँ सारे जहाँ को

मुरझाया हुआ पौधा पानी से

फिर खिल जाएगा

जिंदगी से रूठे मेरे यारों

जिंदगी भी मान जाएगी

बाहें फैला के जी लो इस

पल को जिंदगी दो दिन का

त्यौहार बन जाएगी


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