Himanshu Jain
Romance
तुम इतनी खूबसूरत थी पता नहीं,
हम तो तुम्हें साथी मानते थे,
पता जब चला जब तुमने
अपना आशिक़ बना लिया।
ब्रोकन हार्ट
मोहब्बत
बेबसी
गहराई
ख़ामियाँ
खूबसूरती
फिर अपने-अपने घर जायेंगे. ये मोहब्बत नहीं बस अश्लीलता का खेल है। फिर अपने-अपने घर जायेंगे. ये मोहब्बत नहीं बस अश्लीलता का खेल है।
जमाना कविताओं का था जमाना कविताओं का हमेशा रहेगा। जमाना कविताओं का था जमाना कविताओं का हमेशा रहेगा।
मौसम के साथ तो बहुत कुछ बदलता है लेकिन जो आखिरी साँस तक न बदले वो है प्यार। मौसम के साथ तो बहुत कुछ बदलता है लेकिन जो आखिरी साँस तक न बदले वो है प्यार।
गुलाबी रंग का चाॅकलेट... एक दूसरे को देंगे... ये कहते हुए... कुछ मीठा हो जाए...। गुलाबी रंग का चाॅकलेट... एक दूसरे को देंगे... ये कहते हुए... कुछ मीठा ह...
खुदा का दर्जा दिया... और सुकून-ए-जिंदगी पा ली। खुदा का दर्जा दिया... और सुकून-ए-जिंदगी पा ली।
प्यार में इज्जत भी हो प्यार में शिद्दत भी हो। प्यार में इज्जत भी हो प्यार में शिद्दत भी हो।
पहलू में जब सो जाऊं हौले हौले थपकी दे प्यार की बरसात में भींगो देना। पहलू में जब सो जाऊं हौले हौले थपकी दे प्यार की बरसात में भींगो देना।
तुम मेरी आँखों में थे , दिल में थे , तन मन और मेरी रूह में थे। तुम मेरी आँखों में थे , दिल में थे , तन मन और मेरी रूह में थे।
प्यार के इजहार में दिया हुआ पहला गुलाब सब तुम्हारे प्यार के एहसास से भरे पत्र थे। प्यार के इजहार में दिया हुआ पहला गुलाब सब तुम्हारे प्यार के एहसास से भरे पत्...
मगर मैं कैद हो जाऊँ किसी के इश्क में यह अर्ज खुदा से रोज होती है। मगर मैं कैद हो जाऊँ किसी के इश्क में यह अर्ज खुदा से रोज होती है।
ज़रा हौले से खडकाओ दिल के दरवाजे को अलबत्ता खड़काना क्या है, चले आओ पास अपने यार के। ज़रा हौले से खडकाओ दिल के दरवाजे को अलबत्ता खड़काना क्या है, चले आओ पास अपने...
हर साज़ जीवन का तेरे बिन आधुरा हैं, ये कहकर मुख़ातिब वो मुझको करता था।। हर साज़ जीवन का तेरे बिन आधुरा हैं, ये कहकर मुख़ातिब वो मुझको करता था।।
किससे सलाह मशवरा करें... की घुट घुट के कैसे जीएं हम... काश ! किससे सलाह मशवरा करें... की घुट घुट के कैसे जीएं हम... काश !
वो पहला पहला प्यार ना भूल कभी पाएंगे उन यादो के सहारे लम्हे गुजर जाएंगे। वो पहला पहला प्यार ना भूल कभी पाएंगे उन यादो के सहारे लम्हे गुजर जा...
जब ग़ैरों से धोखा खाया तो अपनो के पास ही वापस आया हमने भी अपना समझ आज उसे सीने से ल जब ग़ैरों से धोखा खाया तो अपनो के पास ही वापस आया हमने भी अपना समझ आज ...
सुखी जीवन का गाना गुनगुना रहा था... बाहर ठंड होने के बावजूद... सुखी जीवन का गाना गुनगुना रहा था... बाहर ठंड होने के बावजूद...
कन्हैया खेलत हैं होली बृज में गोपियों के संग। कन्हैया खेलत हैं होली बृज में गोपियों के संग।
मन में उसके प्यार कि खुशबू रहती है, फिर उसकी भोली सूरत मुझे शांत करती है। मन में उसके प्यार कि खुशबू रहती है, फिर उसकी भोली सूरत मुझे शांत करती है।
जब दो ज़िस्मों का, एक जान में संगम हो जाता है। जब दो ज़िस्मों का, एक जान में संगम हो जाता है।