Jeetal Shah
Classics Fantasy
कुछ खूबसूरत साथ,
कभी छुटा नहीं करतें,
वक्त के साथ बिताए हुए पल,
कभी रूठा नहीं करते,
मिले हे दोस्त कुछ ऐसे,
ज़िन्दगी में,
जिनसे नाता कभी,
टूटा नहीं करते।
हमारी दुनिया।...
खुशियों से भर...
शरद मौसम
हिंदी दिवस
प्रेम
तकदीर
सब्जी की लगी ...
क्रिसमस
किताब
होप
पहले जैसा नहीं समय अब नया दौर है आया। पहले जैसा नहीं समय अब नया दौर है आया।
हो सकता है तुम्हें मेरी मजबूरी हो मालूम.....मगर शायद। हो सकता है तुम्हें मेरी मजबूरी हो मालूम.....मगर शायद।
जब भी देखन मैं चलया खुद को "राधा", हर बार मैं तुमसा दिख जाऊं। जब भी देखन मैं चलया खुद को "राधा", हर बार मैं तुमसा दिख जाऊं।
जितनी कठोर उतनी कोमल जादू की वो पुड़िया लड़के तो उड़ते भंवरे ठहरी सी हैं लड़कियां। जितनी कठोर उतनी कोमल जादू की वो पुड़िया लड़के तो उड़ते भंवरे ठहरी सी हैं लड़क...
हसीन होशरूबा दिलबर ओ दिलरुबा बला रूबा हो तुम। हसीन होशरूबा दिलबर ओ दिलरुबा बला रूबा हो तुम।
सरल हो जाएगा जीवन आपस में तालमेल से दो दिन की है जिन्दगी इसे जीलो हंस खेल के। सरल हो जाएगा जीवन आपस में तालमेल से दो दिन की है जिन्दगी इसे जीलो हंस खेल क...
फीके से लगते सब तीज त्योहार कौन करे अब अपना मनुहार। फीके से लगते सब तीज त्योहार कौन करे अब अपना मनुहार।
किसी ने भी क्या खूब कहा है- "नारी का हर रूप अनोखा है।" किसी ने भी क्या खूब कहा है- "नारी का हर रूप अनोखा है।"
सबकुछ ही दो अपना..... जो मेरे बाद किसी और का ना हो सके.... सबकुछ ही दो अपना..... जो मेरे बाद किसी और का ना हो सके....
मिले कलम ऐसी मुझको तो नारी श्रद्धा गान लिखूं। मिले कलम ऐसी मुझको तो नारी श्रद्धा गान लिखूं।
तू सबल है तू कोमल है, तू सशक्त है, तू ममतामई है, क्योंकि तू स्त्री है..... तू सबल है तू कोमल है, तू सशक्त है, तू ममतामई है, क्योंकि तू स्त्री है.....
करते है सब वंदन तेरा जगत जननी तुझे सम्मान। करते है सब वंदन तेरा जगत जननी तुझे सम्मान।
कभी चढ़े ना कोई रंग दूजा, रहें मन में निरंतर तेरे चरन। कभी चढ़े ना कोई रंग दूजा, रहें मन में निरंतर तेरे चरन।
हर एक ख्वाहिश में अब नव जीवन भरना है मुझे देखना है इनको कब वरीयता देती है जिंदगी। हर एक ख्वाहिश में अब नव जीवन भरना है मुझे देखना है इनको कब वरीयता देती है जिं...
इस पावन भूमि से सब अपना माँ बेटे का नाता है। इस पावन भूमि से सब अपना माँ बेटे का नाता है।
थामा था जिन्होंने तुम्हारा नन्हा हाथ- उन कांपते हाथों को हिम्मत ज़रूरी है। थामा था जिन्होंने तुम्हारा नन्हा हाथ- उन कांपते हाथों को हिम्मत ज़रूरी है।
राजनीति से घर गृहस्थी तक तू ही तू है छाई पुरुष को पूर्ण बनाने को ही तू इस जग में आई। राजनीति से घर गृहस्थी तक तू ही तू है छाई पुरुष को पूर्ण बनाने को ही तू इस जग...
सांसों की तस्बीह का हर एक दाना हे जिक्रे इलाही का कर्ज़ा चुकाना। सांसों की तस्बीह का हर एक दाना हे जिक्रे इलाही का कर्ज़ा चुकाना।
अवनी भी डोले, अम्बर भी हर्षितजब नारी इस भू पर हो अलंकृत॥ अवनी भी डोले, अम्बर भी हर्षितजब नारी इस भू पर हो अलंकृत॥
आज निःशब्द हो जाऊं दिल की बात पी जाऊं। आज निःशब्द हो जाऊं दिल की बात पी जाऊं।