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Dr Rajiv Sikroria

Fantasy Children

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Dr Rajiv Sikroria

Fantasy Children

खुशी

खुशी

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अंबर ने खुशियाँ हैं फैलायीं,

पवन फैलाये खुशबू,

चंदा चमकाये चाँदनी,

चमचम चलते चकोरे,

धरती नाचे-गाये-

सुनो, सुनो सारे सुन लो रे,

देखो श्रेष्ठा है आई, 

देखो श्रेष्ठा है आई। 

हम सब झूमें नाचे गायें,

 श्रेष्ठा संग खुशियां मनाये,

अलग-अलग दुनिया के साथी,

क्यों न खुशियाँ मनाये। 

 सुनो सारे सुन लो रे,

देखो श्रेष्ठा है आई, 

मौसम मनोरम, मन मस्ती में,

हरियाली संग-संग खेलें किरणें,

किरणों संग कंचन,

बादल संग झूमें बादल,

आसमान में सूरज चमके, 

पर्वत पर अंबर,

देखो श्रेष्ठा है आई। 

अंबर ने खुशियाँ हैं फैलायीं,

पवन फैलाये खुशबू

देखो श्रेष्ठा है आई।



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