STORYMIRROR

VIVEK ROUSHAN

Inspirational

3  

VIVEK ROUSHAN

Inspirational

खुश रहे जन गण मन

खुश रहे जन गण मन

1 min
435

हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई

हम वतन की जान है 

हमको न करना जुदा

हमीं से वतन की पहचान है।


खुशियाँ मिले या गम मिले 

मिल कर रहेंगे हम सदा 

आँच आये गर अपने वतन पर 

मर के करेंगे अपना हक़ अदा।


खुश रहे अहल-ए-वतन 

खुश रहे अपना ये चमन 

खुश रहे जन गण मन 

खुश रहे अपना ये वतन।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational