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खुश रहे जन गण मन

खुश रहे जन गण मन

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हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई

हम वतन की जान है 

हमको न करना जुदा

हमीं से वतन की पहचान है।


खुशियाँ मिले या गम मिले 

मिल कर रहेंगे हम सदा 

आँच आये गर अपने वतन पर 

मर के करेंगे अपना हक़ अदा।


खुश रहे अहल-ए-वतन 

खुश रहे अपना ये चमन 

खुश रहे जन गण मन 

खुश रहे अपना ये वतन।


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