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खुदगर्ज़ी

खुदगर्ज़ी

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तंग दिल जहाँ में अपने ढूंढते हो,

तुम हमेशा वही गलती करते हो,


गर्ज़ के बिना जज़्बात नहीं होते,

खुदगर्ज़ी से तुम रिश्ते बनाते हो,


खुद किसी को अपना मानते नहीं,

निभाने की आस दूसरों से रखते हो,


तुम प्यार का मतलब जानते नहीं,

सिर्फ रिश्ते बनाने की कोशिश करते हो।


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