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Gagandeep Singh Bharara

Abstract Inspirational

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Gagandeep Singh Bharara

Abstract Inspirational

खुद से पूछने का सवाल

खुद से पूछने का सवाल

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यूहीं, इक दिन, यह ख्याल आया,

खुद को पहचानने का सवाल आया,


दुनिया से पूछा बहुत, किया क्या तुमने,

मगर, खुद से पूछने ये सवाल पहली बार आया,


यूं तो कोसा बहुत, सरकार चलाने वालों को,

शायद सही भी था,

मगर, किया क्या मैंने, यह सवाल पहली बार आया,


सड़क के टूटने पर, और गाड़ी में झटके खाने पर,

म्युंसिपैलिटी की हसी उड़ाई बहुत,

मगर, खुद व्यंग कर, खुद से पूछने का सवाल पहली बार आया,


पोल्यूशन से परेशान घर में एयर प्यूरीफायर लगवाया,

मगर, खुद खड़ी गाड़ी सिग्नल पे बंद करने का, सवाल पहली बार आया,


गरीब के सड़कों पे शिखर दुपहरी, चिलाने पर उसको भगा आया,

मगर, बेवजह फुल वॉल्यूम पे म्यूजिक चलाने पर सवाल पहली बार आया,


यूं तो अक्सर ही सवाल पूछते हैं, हम,

मगर, खुद से पूछने का क्या कभी खयाल आया।।


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