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Dayawati d

Fantasy

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Dayawati d

Fantasy

कहमुकरि

कहमुकरि

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छेड़छाड़ के मुझको भागे।

फिर भी मुझको प्यारा लागे।।

वो तो हर दम करे लड़ाई।

क्या सखि! साजन? 

ना सखि भाई।।


शादी में वह रौनक लाए।

खुद आय वो  सबको नचाए।। 

उसके बोल का ना है मोल ।

क्या सखि! साजन।

 नहीं  सखि ढोल।।



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