Dayawati d
Fantasy
छेड़छाड़ के मुझको भागे।
फिर भी मुझको प्यारा लागे।।
वो तो हर दम करे लड़ाई।
क्या सखि! साजन?
ना सखि भाई।।
शादी में वह रौनक लाए।
खुद आय वो सबको नचाए।।
उसके बोल का ना है मोल ।
क्या सखि! साजन।
नहीं सखि ढोल।।
कहमुकरि
नारी
क्यों मौन है तू कुछ बोल रे पंछी अब कैसा है तेरे दर्द का आलम क्यों मौन है तू कुछ बोल रे पंछी अब कैसा है तेरे दर्द का आलम
तेरा अक्स तेरी आवाज़ को में आँखों और कानों में क़ैद कर के तेरा अक्स तेरी आवाज़ को में आँखों और कानों में क़ैद कर के
अपनी भूख मिटाने के लिए दो वक्त की रोटी कमाने के लिए अपनी भूख मिटाने के लिए दो वक्त की रोटी कमाने के लिए
दिल की आवाज को समझे हम कैसे ऐसा कोई प्यार से इशारा तो कर दो। दिल की आवाज को समझे हम कैसे ऐसा कोई प्यार से इशारा तो कर दो।
कुछ महर मेरे पर भी कर दे बस इतनी सी इच्छा कुछ महर मेरे पर भी कर दे बस इतनी सी इच्छा
जिसने बहुत गरीबी देखी। जिसने देखी अमीरी भी बहुत। जिसने बहुत गरीबी देखी। जिसने देखी अमीरी भी बहुत।
राम बनकर रावण के पुतले जलाना बंद करो, सबसे पहले अपने अंदर के रावण का दहन करो, राम बनकर रावण के पुतले जलाना बंद करो, सबसे पहले अपने अंदर के रावण का दहन करो,
तुम्हारी याद दिलाती है , जब आसमान से टपकती है .... ये बारिश की बूंदें! तुम्हारी याद दिलाती है , जब आसमान से टपकती है .... ये बारिश की बूंदें!
अज्ञान ,भेदभाव की ज्वालाओं को शीतल किया, अज्ञान ,भेदभाव की ज्वालाओं को शीतल किया,
नौ स्वरों में भजन-आरती, माँ की महिमा को सुनाने के लिए नौ स्वरों में भजन-आरती, माँ की महिमा को सुनाने के लिए
ऐ जिंदगी तू तनहाई को ही अपना जीवन का लक्ष्य बना ले। ऐ जिंदगी तू तनहाई को ही अपना जीवन का लक्ष्य बना ले।
प्रेम पूजा जीवन का आधार जिसमें होती रिश्तों की पहचान है हर इंसान में ईश्वर का वास है प्रेम पूजा जीवन का आधार जिसमें होती रिश्तों की पहचान है हर इंसान में ईश्वर का वा...
ये जो इठलाती-बलखाती बेलों पर जीवन का रसपान करती ये जो इठलाती-बलखाती बेलों पर जीवन का रसपान करती
होकर निराकार निराधार बगैर छिलके के बिखर जाता हर एक दाना होकर निराकार निराधार बगैर छिलके के बिखर जाता हर एक दाना
प्रेम तो इक स्वप्न मात्र सा उज्ज्वल ,रति, स्नेह बयार यूँ प्रेम तो इक स्वप्न मात्र सा उज्ज्वल ,रति, स्नेह बयार यूँ
कहना तो बहुत कुछ है तुझसे, मिलते है तो सब भूल जाते है ! कहना तो बहुत कुछ है तुझसे, मिलते है तो सब भूल जाते है !
शाम को जब श्याम मिले, दिन की सारी बातें हुई.. शाम को जब श्याम मिले, दिन की सारी बातें हुई..
एक दूजे के मान सम्मान का रखें सभी सदा ख्याल एक दूजे के मान सम्मान का रखें सभी सदा ख्याल
विष-अमृत पान स्वीकारना होगा, मिलेंगे राम तभी, मर्यादा पथ पर जाना होगा! विष-अमृत पान स्वीकारना होगा, मिलेंगे राम तभी, मर्यादा पथ पर जाना होगा!
सुना है इक खूबसूरत जहाँ है आसमां के उस पार आज पूनम की रात चाँद तारों से जुड़ना चाहती सुना है इक खूबसूरत जहाँ है आसमां के उस पार आज पूनम की रात चाँद तारों से जुड़न...